रविवार, 28 फ़रवरी 2021

दिल करता है, मेरे गांव की मिट्टी पर इक गीत लिखूं।

तुम पर अपना शीश झुकालूं
तुझको गांव लिखूं या स्वर्ग लिखूं....
दिल करता है, मेरे गांव की मिट्टी पर इक गीत लिखूं।

गांव अनोखा, प्यासी मिट्टी, सपने रंग बिरंगी हैं।
रीता ढण्ड और खाली भरणी, फिर भी हम बेढंगी हैं।।